मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले नेपाल के राजनेता व पूर्व सीएम
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद स्थित तुलसीपुर माता पाटेश्वरी देवी शक्ति पीठ पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से नेपाल के लुंबिनी राज्य के राजनेताओं ने भेंट की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को जनकपुर, नेपाल स्थित जानकी मंदिर का चित्र सौंपा।
भारत-नेपाल के मजबूत रिश्तों पर चर्चा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि उत्तर प्रदेश और नेपाल के लुंबिनी राज्य के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रिश्तों की जीवंतता बनी हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंध पहले भी मधुर थे, आज भी मधुर हैं और आगे भी प्रगाढ़ बने रहेंगे।
लुंबिनी के पूर्व मुख्यमंत्री डी.बी. चौधरी ने भी रिश्तों को और सशक्त बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नेपाल और भारत के बीच संबंध निभाने की परंपरा रही है, जिससे सदियों से आपसी सौहार्द बना हुआ है। इस दौरान मधेस प्रदेश के मुख्यमंत्री सतीश सिंह, पूर्व मंत्री के.सी. गुप्ता और पूर्व सांसद अभिषेक प्रताप शाह भी मौजूद रहे।
योगी आदित्यनाथ बलरामपुर जनपद में पाटेश्वरी विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जिसके बाद उन्होंने पाटेश्वरी शक्ति पीठ में दर्शन किए।
नेपाल के लुंबिनी का राज्य पुष्प बनेगा टेसू फूल?
उत्तर प्रदेश के वन्य क्षेत्रों में बहुतायत से मिलने वाले टेसू (पलाश) पुष्प को नेपाल के लुंबिनी प्रदेश का राज्य पुष्प बनाने की मांग उठी है।
कृष्णानगर नगर निकाय के मेयर रजत प्रताप शाह ने इस संबंध में लुंबिनी प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्रस्ताव सौंपा है। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को नेपाल की केंद्रीय प्रतिनिधि सभा को भेज दिया है, जहां इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
गौरतलब है कि टेसू फूल उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का राज्य पुष्प भी है। नेपाल का लुंबिनी राज्य मधेसी जनपदों से मिलकर बना है, जहां के लोगों के वैवाहिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक संबंध उत्तर प्रदेश से गहरे जुड़े हुए हैं।
रिपोर्ट : नीलू दुबे ,महराजगंज
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