उत्तर-प्रदेश राजनीति

तीन महीने के लिए फिर बढ़ाई गई एनएसए की मियाद, अभी जेल में रहेंगें डा.कफील

लखनऊ : यूपी सरकार ने डॉ. कफील पर रासुका की अवधि को तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया है. डा. कफील सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक भाषण देने के आरोप में पिछले छ: महीनों से मथुरा जेल में बंद हैं. योगी  सरकार ने उन्हें देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया है.

आपको बता दें कि गोरखपुर में इंसेफलाइटिस से मरने वाले बच्चों को ऑक्सीजन प्रदान कराने वाले डॉ. कफील पर योगी सरकार ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर जेल भेज दिया था. इस मामले में  इलाहबाद हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई. जमानत के बाद डॉ. कफील ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में सीए के प्रदर्शन के दौरान छात्रों को संबोधित किया था. उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके खिलाफ संप्रदायिक भाषण देने के आरोप मुकदमा दर्ज किया. इसके बाद यूपी एसटीएफ ने उन्हें मुंबई से गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी के तीन दिन के बाद डॉ. कफील को मथुरा की एक अदालत ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. रिहाई के पहले ही उन पर उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की और जेल से बाहर नहीं आने दिया.

अलीगढ़ कार्यक्रम में डॉ. कफील के साथ सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव भी मंच साझा कर रहे थे. उन्होंने कई बार कहा कि डॉ. कफील ने ऐसा कुछ नहीं कहा जो देश की सुरक्षा और संविधान के खिलाफ हो. इस सबके बावजूद डॉ. कफील पर योगी सरकार ने रासुका तीन महीने के लिए बढ़ा दिया.

कुछ महीने पहले कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी समेत देश के कई नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार को डॉ कपिल की रिहाई के लिए पत्र भी लिखा. यूपी कांग्रेस की ओर से उनकी रिहाई के लिए पूरे प्रदेश में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है. डॉ. कफील की माता ने रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में अपील की, जहां सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को जल्द सुनवाई करने का निर्देश दिया था.

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