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ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी ने कोरोना वैक्सीन के सफल ट्रायल का किया दावा, सितम्बर तक बाज़ार में आने की उम्मीद

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने कोरोना वायरस वैक्सीन के सफल मानव ट्रायल का दावा किया है. ब्रिटेन स्थित मेडिकल जर्नल द लांसेट के मुताबिक यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित, अच्छी तरह से सहनशील और प्रतिरक्षात्मक है. इस जानकारी के बाद ऑक्सफ़ोर्ड की वैक्सीन फ्रंटरनर की लिस्ट में आ गयी है. वैक्सीन बनाने वाली कंपनी का शेयर 10 प्रतिशत चढ़ गया.अनुमान के मुताबिक वैक्सीन सितम्बर तक बाज़ार में आ सकती है.

ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी में बन रही वैक्सीन के बारे में ट्वीट करते हुए युनिवर्सिटी ने कहा कि AZD1222नाम की इस वैक्सीन को मरीजों को लगाने से अच्छा इम्यून रिस्पोंस मिला है. वैक्सीन ट्रायल में लगी टीम को भी इस वैक्सीन में सुरक्षा को लेकर कोई परेशानी वाली बात नज़र नही आई बल्कि इससे ताकतवर रिस्पांस मिला है.

अमेरिकी मेडिकल जर्नल द लैसेंट के एडिटर इन चीफ रिचर्ड हार्टन ने रिपोर्ट में तीन खास मेडिकल टर्म safe, well-tolerated and immunogenic का इस्तेमाल किया है. इसका मतलब यह है कि वैक्सीन सुरक्षित, अच्छी तरह सहन करने योग्य और प्रतिरक्षात्मक है. हार्टन ने वैक्सीन टीम के प्रमुख वैज्ञानिक पैड्रो फोलेगैटी को बधाई दी और कहा कि नतीजे बहुत उत्साह बढ़ाने वाले हैं.

द लैंसेट में इस वैक्सीन के बारे में छपी 13 पेज की रिपोर्ट को इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ा जा सकता है – https://marlin-prod.literatumonline.com/pb-assets/Lancet/pdfs/S0140673620316044.pdf

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ वैक्सीन तैयार करने वाली फार्मा कंपनी एस्ट्राज़ेनेका ने न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में दावा किया है कि ट्रायल के दौरान जिन्हें वैक्सीन दी गई उनमें कोरोना के मुकाबले ज्यादा एंटीबॉडी बनी. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ नेशनल एलर्जी एंड इनफेक्शंस डिजीज के डायरेक्टर डॉक्टर एंथिनी फासी का कहना है कि रिजल्ट अच्छे हैं. उम्मीद है कि वैक्सीन कामयाब रहेगी. यूनिवर्सिटी के मुताबिक ताल के दौरान कोई गंभीर साइड इफेक्ट देखने को नहीं मिले. मरीज को ट्रायल के दौरान सिर्फ थकान,सिरदर्द ठंड लगना और शरीर में दर्द जैसी छोटी दिक्कतें ही हुई लेकिन ऐसा सिर्फ ओवरडोज के मामलों में ही देखा गया.

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के मुताबिक पहले चरण का ट्रायल अप्रैल में ही किया गया था. स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक ने बताया कि वैक्सीन तैयार करने के लिए टीम लगातार प्रयास कर रही है. यह इस साल कभी भी उपलब्ध हो सकती है, ऐसा ना होने पर 2021 के शुरुआत में से आने की पूरी तरह उम्मीद है.

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