धरातल पर धराशाई है प्रधानमंत्री आवास योजना

  • गरीबों की योजना का लाभ उठा रहे जनप्रतिनिधियों के चहेते
  • छप्पर में रहने को मजबूर गांव के दर्जनों गरीब
  • आवास व शौचालय के लिए दर – दर भटक रहे गांववासी

प्रतापगढ़ – छप्पर में रहने वाले गरीबों को केंद्र की मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास दिया जाना है. लेकिन गरीबों को आवास दिए जाने का मात्र आश्वासन मिला है. ऐसा ही एक मामला प्रतापगढ़ जिले के विकासखंड बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के खूंझी कला शर्मा बस्ती का है जहां 15 सालों से आधा दर्जन से अधिक लोग छप्पर में रहने के लिए मजबूर हैं. दो साल पहले गिरे कच्चे मकान पर प्लास्टिक की पन्नी डालकर गुजर-बसर कर रहे हैं. ग्राम प्रधान से लेकर मुख्यमंत्री तक को आवास व शौचालय के लिए प्रार्थना पत्र देते- देते थक चुके हैं. इसके बावजूद भी इनका कोई सुनने वाला नही. गांव के दिनेश शर्मा पुत्र बंशीलाल शर्मा अपनी पत्नी सोमवारी देवी तथा 5 बच्चों के साथ गिरे हुए कच्चे मकान में रहने को मजबूर है. दिनेश शर्मा का दो साल पहले बारिश में कच्चा मकान धराशाई हो गया था. उस समय से लेकर आज तक अधिकारी कर्मचारियों की चौखट पर आवास शौचालय के लिए गुहार लगा रहा है लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं हुआ. इसी तरह गांव में ही विश्वनाथ शर्मा पुत्र अमृतलाल, शंभू नाथ शर्मा पुत्र अमृतलाल अपने परिजनों के साथ छप्पर में गुजर-बसर कर रहा है.

आवास तो दूर स्वच्छता अभियान के तहत इन लोगों को शौचालय तक नहीं दिया गया. गांव के बुजुर्ग अमृतलाल पुत्र लालजी का कहना है कि कई वर्षों से ग्राम प्रधान से आवास तथा शौचालय दिए जाने की मांग की. सभी झूठा वादा करके चले गए. आजतक कोई झांकने तक नहीं आया. घास-फूस से बने छप्पर के नीचे गुजर-बसर कर रहे हैं. बारिश के महीने में जहरीले जंतुओं की वजह से जीना दूभर हो जाता है. गांव की मनोरमा देवी पत्नी लालजी, संजू देवी पत्नी विश्वनाथ,आशा देवी पत्नी शंभूनाथ ने आरोप लगाया कि आवास में नाम बढ़ाने के लिए उनसे सो दो सौ रुपए भी लिया गया. पैसे लेने कोई लौटकर नही आया.

खंडहर में गुजारा करने को मजबूर परिवार

एक तरफ जहां केंद्र की मोदी सरकार हर गरीब को 2022 तक पक्का मकान देने का वादा कर रही है. वहीँ दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को आवास और शौचालय नहीं मिल पा रहा है. विकासखंड बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के दर्जनों ग्राम प्रधान अपने चहेतों को आवास देकर शौचालय बनवाकर वाहवाही लूट रहें है. छप्पर में रहने वाले इन गरीबों के पास आय का कोई स्रोत ना होने की वजह से छप्पर में छोटी दुकान खोलकर अपना जीविकोपार्जन करते है. गांव के इन गरीबों ने मुख्यमंत्री तथा जिलाधिकारी को पत्र देकर आवास शौचालय दिलाए जाने की मांग की है.

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